26/01/2010

हां! मेरे पूर्वज लुटेरे थे मगर..


आनन्द राय, गोरखपुर
 पिण्डारियों की शौर्य गाथा को प्रदर्शित करने वाली फिल्म वीर पिण्डारियों के मुखिया रहमत करीम खां और उनके चचेरे भाई अब्दुल माबूद करीम खां को जितनी अच्छी लगी, उतना ही इतिहास से उनकी नाराजगी बढ़ गयी। इतिहास में पिण्डारियों को बर्बर और लुटेरा लिखे जाने पर उन लोगों ने क्षोभ जाहिर किया है और भारत सरकार से मांग की है कि इतिहास से झूठे तथ्यों को हटाया जाये।


बातचीत में उन लोगों ने यह स्वीकार किया कि हमारे पूर्वज लुटेरे थे, लेकिन उन्होंने अंग्रेजों को ही लूटा। अंग्रेजों के लिखे इतिहास को ही हमारा इतिहास मान लिया गया। इस कलंक को मिटाने के लिए वे अभियान चलायेंगे। लार्ड हेस्टिंग्स के साथ हुए समझौते के तहत 1820 में सिकरीगंज में जागीर देकर बसाये गये पिण्डारी सरदार करीम खां के वंशज अब्दुल रहमत करीम खां, अब्दुल माबूद करीम खां और उनके परिवारीजन ने शुक्रवार की रात को फिल्म वीर देखी। इस फिल्म को देखने के बाद उन लोगों ने शनिवार की सुबह सिकरीगंज नवाब हाता में अपने परिवारीजन में खुशी बांटी।

 फिल्म से संतुष्ट पिण्डारी मुखिया को सलमान खान से सिर्फ इतनी शिकायत है कि उनके पूर्वज करीम खां का फिल्म में जिक्र नहीं हुआ है। पर इसी फिल्म ने उन लोगों का हौसला बढ़ा दिया है। उन लोगों को अब इतिहास पर आपत्ति है। पिण्डारी मुखिया का कहना है कि हां, हमारे पूर्वज लुटेरे थे, लेकिन उन्हें गलत ढंग से इतिहास में दिखाया गया है। आजादी की लड़ाई में हमारे पूर्वजों ने अंग्रेजों से संघर्ष किया और उनके खजाने को लूटा। इतिहासकारों से पिण्डारी परिवार का सवाल है कि क्या आजादी की लड़ाई के दौरान जिन-जिन नामचीन सेनानियों ने अंग्रेजों का खजाना लूटा उन्हें लुटेरा कहा जाये? पिण्डारियों का कहना है कि उनके पूर्वजों ने अंग्रेजों और उनके सरपरस्तों को लूटा। अंग्रेजों की नाक में दम कर दिया, इसलिए उन्होंने हमसे समझौता किया। हम अंग्रेजों पर भारी पड़े, यह बहुतों को हजम नहीं हुआ। माबूद खान का तर्क है कि चूंकि हम बेहद अल्पसंख्यक हो गये और पिण्डारी सेना को अंग्रेजों व उनकी गुलाम राजाओं ने तबाह कर दिया, इसलिए सियासी चाल के तहत हमारे इतिहास को दागदार कर दिया गया। अब हमारा मकसद इस कलंक को धोना है। इतिहास के पन्नों लिखी गलत इबारत को दुरुस्त करना है।
यह रपट २४ जनवरी के अंक में दैनिक जागरण गोरखपुर समेत अन्य कई संस्करों में छपी है. गोरखपुर दैनिक जागरण में पेज ३ पर देंखे.

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