23/10/2009

साइकिल यात्रा निकाल बताया आमी का दर्द


गोरखपुर: आमी की शुद्धीकरण के लिए चलाए जा रहे आन्दोलन को और तेज करने के आमी बचाओ मंच के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को सायकिल यात्रा निकाली। मालूम हो कि आमी के मुद्दे पर मंच के कार्यकर्ताओं ने 4-6 नवम्बर तक मण्डलायुक्त कार्यालय पर घेरा डालो डेरा डालो आन्दोलन का निर्णय लिया है। आंदोलन के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए उक्त यात्रा का आयोजन किया गया था। यात्रा को बांसगांव को पूर्व ब्लाक प्रमुख एवं मंच के संरक्षक चतुर्भुज सिंह झण्डी दिखा कर रवाना किया। अपने संबोधन में श्री सिंह ने कहा कि मंडलायुक्त कार्यालय पर घेरा डालो डेरा डालो आन्दोलन के मध्यम से आमी तट पर रहने वालों की ताकत का आजमाईश होना है। यह आंदोलन हम सबकी अस्मिता से जुड़ा है। लिहाजा इसको सफल बनाना हम सबका फर्ज है। मंच के अध्यक्ष विश्र्व विजय सिंह ने कहा कि आमी के प्रदूषण के खिलाफ चल रहा आन्दोलन अपने निर्णायक मोड़ पर है। इसे अंजाम तक पहुंचाए बिना हमें चैन नहीं। साईकिल यात्रा का नेतृत्व जनसम्पर्क अधिकारी संजय सिंह, महामंत्री बलबीर सिंह, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष किसान सिंह, अरुण सिंह ने किया। साइकिल रैली बांसगांव-डांड़ी, सरसोपार-भुसवल, भैरोपुर-कुचैरा, देवडार बाबू-करहल, धनईपुर बेदौली से होता हुआ भटवली बाजार में सभा के रूप में परिवर्तित हो गयी। साइकिल रैली में प्रमुख रूप से कमला सिंह, धर्मेन्द्र साहनी, मुन्ना साहनी, हरीशचन्द्र साहनी, रविभूषण मौर्य, विरेन्द्र साहनी, देवेन्द्र सिंह, चन्दन साहनी, मनोज सिंह, दुर्गेश, कोईल, रणजीत सिंह, उमेश गौड़, साहब सिंह, विनोद सिंह, हिन्दू युवा वाहिनी के मंत्री मृत्युंजय सिंह, अनिरुद्ध सिंह, बम बहादुर सिंह आदि लोग शामिल हुए। जन जागरण के क्रम में 22 अक्टूबर को उनवल से जन जारगण साइकिल यात्रा निकाली जायेगी।

श्रीश पाठक के लिए विशेष
श्रीश जी कबीर भूमि के रहने वाले हैं इसलिए जाहिर है कि आमी के प्रति उनकी अपनी निजी भावना है. वे जे एन यू में हैं पर आमी की मुक्ति यात्रा में आना चाहते थे. आमी के लिए हर दिन कार्यक्रम है और इसमें सबको खुला निमंत्रण है. ४,५ और ६ नवम्बर को मंडलायुक्त कार्यालय पर डेरा डालो घेरा डालो आन्दोलन है. तब तक किसी न  किसी इलाके से आमी बचाओ मंच की साइकिल यात्रा निकलती रहेगी. आमी बचाओ मंच के अध्यक्ष विश्वविजय सिंह का मोबाइल ०9935316888  है. आप सभी दोस्त उनसे संपर्क करके आमी बचाओ अभियान को गति दे तो यह प्रकृति के साथ ही अपनी जन्मभूमि के लिए भी उपकार होगा.

कोई टिप्पणी नहीं:

..............................
Bookmark and Share