12/02/2008

बाबा


बाबा के बारे में कोई यह नही जानता कि वे कौन हैं और कहाँ से आये है। पर इतना बहुत लोग जानते हैं कि उनके पास दीं दुखियों की भीड़ लगी रहती है। बाबा चुपचाप किसी की गाडी में बैठ जाते तो लगता जैसे उनके भक्तों की मुराद पूरी हो गई है। बाबा पुआल बिछा कर सो जाते है और कंही से कुछ मिला तो खा लेते हैं। लोंगों को विश्वाश है कि बाबा के छूने से असाध्य रोग ठीक हो जाते। आजमगढ़ के बिलारिअगंज से आगे सिवानिह्वा बाबा के नाम से उन्हें लोग जानते है। हर कोई उन तक जाने का रास्ता बताता है। पहले जाने के लिए रास्ता नही था। अब सड़क बन गई है। वंहा आस्था का अद्भुत नज़ारा है.

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