25/04/2009

'पढ़ने वाले बाबू' की जगह बन गए मजूर

आनंद राय , गोरखपुर
खोराबार में मुंहबोले चाचा के साथ साइकिल की दुकान पर पंचर बनाने वाले नौ साल के अमरनाथ के कदम किसी स्कूल में नहीं रुक पाये। कई बार नाम लिखाया लेकिन पेट की आग ने उसे 'पढ़ने वाले बाबू' की जगह मजूर बना दिया। उसके जैसे न जाने कितने बच्चे हैं जो स्कूल जाने की उमर में अपने कंधे पर किताबों का बस्ता नहीं, बल्कि जिंदगी का बोझ उठा रहे हैं। स्कूल जाने से वंचित ऐसे बच्चों के लिए सरकार एक बार फिर जागी है। अबकी स्कूलों में बच्चों के ठहराव पर जोर दिया गया है और इसके लिए लोगों की जवाबदेही तय की गयी है।
सर्व शिक्षा अभियान की राज्य परियोजना निदेशक वीना की एक चिट्ठी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के नाम आयी है। इस चिट्ठी का मजमून आउट आफ स्कूल बच्चों को चिन्हित कर स्कूलों में उनका ठहराव सुनिश्चित करना है। पिछले कई साल से इस तरह की सरकारी चिट्ठियां आ रही हैं। यथार्थ की कसौटी पर जांचें तो उन पर कुछ खास अमल नहीं होता। वैसे भी बेसिक शिक्षा परिषद से संचालित स्कूलों की हकीकत आंकड़ों के बोझ से दब गयी है। उन स्कूलों में व्यवस्था दम तोड़ रही है और वहां पढ़ाई का माहौल नहीं रह गया है। बच्चे स्कूल छोड़ देते हैं और फिर किसी चाय की दुकान, किसी ठेले खोमचे या किसी होटल में उनकी तकदीर सिमट जाती है।
सर्व शिक्षा अभियान की राज्य परियोजना निदेशक वीना ने साफ साफ पूछा है कि सामुदायिक सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए बनाये गये अभिभावक-अध्यापक एसोसिएशन की बैठकें प्रतिमाह सुनिश्चित की गयी है किन्तु इन बैठकों की सूचना परियोजना कार्यालय को नहीं दी जाती। सच तो यही है कि अधिकांश स्कूलों में इस एसोसिएशन का गठन ही नहीं हुआ है।
बहरहाल परियोजना निदेशक ने इस बार सख्त चेतावनी दी है कि हर माह की तीन तारीख को अभिभावक-अध्यापक एसोसिएशन की बैठक की जाय। अब इन बैठकों में एसडीआई उपस्थित रहेंगे। हर माह की छह तारीख को हर विद्यालय की बैठक की सूचना एसडीआई एकत्र करेंगे। बैठक की समीक्षा रिपोर्ट बीएसए को उपलब्ध कराने की भी व्यवस्था की गयी है। श्रीमती वीना ने साफ कहा है कि जिन बच्चों का कहीं नामांकन नहीं है और वे स्कूल नहीं जा रहे तो उनके अभिभावकों को बुलाकर बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया जाय। बेसिक शिक्षा अधिकारी इस स्थिति से जिलाधिकारी को अवगत करायेंगे। ध्यान रहे कि अब आउट आफ स्कूल बच्चों का डाटा जिले की वेब साइट पर रखा जायेगा। इस संदर्भ में मण्डलीय सहायक शिक्षा निदेशक मृदुला आनन्द ने कहा है कि परियोजना के निर्देशों को अक्षरश: पालन कराया जायेगा और इस बार सख्ती बरती जायेगी ।

1 टिप्पणी:

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